क्षमता निर्माण पर एएमयू के भूगोल विभाग में कार्यक्रम संपन्न

अलीगढ़ 17 अगस्तः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग द्वारा आयोजित दो सप्ताह के क्षमता निर्माण कार्यक्रम का समापन मुख्य अतिथि सामाजिक विज्ञान संकाय के डीन, प्रोफेसर शाफे किदवई की अध्यक्षता में एक समापन समारोह के साथ हुआ।
प्रोफेसर किदवई ने अपने भाषण में इस बात पर प्रकाश डाला कि विभिन्न विषयों के विद्वान विभिन्न दृष्टिकोणों से शिक्षा को किस प्रकार समझते हैं। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शोध शिक्षा की आधारशिला है और देश का धन सृजन केवल उद्योग के कारण नहीं है, बल्कि यह शोध की गुणवत्ता से आता है। उन्होंने युवा शिक्षकों और शोधार्थियों से सामग्री और शिक्षण को एक साथ एकीकृत करने और समाज में अनुसंधान और प्रगति के बीच एक कड़ी बनाने का प्रयास करने का आग्रह किया।
मानद अतिथि, एएमयू रजिस्ट्रार, श्री मोहम्मद इमरान (आईपीएस) ने हरित ऊर्जा, खाद्य प्रसंस्करण, रोबोट प्रौद्योगिकी और डिजिटल प्लेटफॉर्म जैसे क्षेत्रों में अनुसंधान के अवसरों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एएमयू का भूगोल विभाग बहु-विषयक शोध के लिए एक आदर्श विभाग है, क्योंकि यह रिमोट सेंसिंग, भूविज्ञान, अर्थशास्त्र आदि सहित कई क्षेत्रों की जरूरतों को पूरा करता है।
इससे पूर्व, अपने स्वागत भाषण में भूगोल विभाग के अध्यक्ष प्रो. निजामुद्दीन खान ने कार्यशाला के उद्देश्य व उससे प्राप्त परिणामों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि सैद्धांतिक और व्यावहारिक दोनों सत्रों के साथ तैयार की गई कार्यशाला शोधकर्ताओं को गुणवत्तापूर्ण शोध कार्य करने और संभावित चुनौतियों से पार पाने में मदद करेगी।
समन्वयक डॉ. मुमताज अहमद ने दो सप्ताह तक चलने वाली कार्यशाला की एक व्यापक रिपोर्ट प्रस्तुत की और कहा की इस कार्यशाला ने विभिन्न विषयों से आने वाले प्रतिभागियों के शोध कौशल और पद्धतिगत विशेषज्ञता को बढ़ाने का काम किया।
उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के दौरान कुल 31 सत्र आयोजित किए गए, जिसमें सामाजिक विज्ञान और मानविकी के विभिन्न विषयों के 18 संसाधन व्यक्तियों ने 30 प्रतिभागियों को व्याख्यान दिए, जिनमें एएमयू के 10 प्रतिभागी शामिल थे। प्रतिभागी विभिन्न विषयों से संबंधित थे और विभिन्न राज्यों से आए थे, जो आईसीएसएसआर, नई दिल्ली के दिशानिर्देशों के अनुरूप था।