प्रदेश में रेलवे प्रोजेक्टों पर हुई धनवर्षा, नौ गुना बढ़ा बजट

अंबाला।

  वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अंतरिम बजट में रेलवे की झोली भर दी है। हरियाणा में प्रोजेक्टों पर धनवर्षा की गई, जिसके चलते 2014 के मुकाबले नौ गुना रेलवे का बजट बढ़ा दिया गया। इतना ही नहीं, हरियाणा में 20 हजार करोड़ से 34 स्टेशनों को अमृत भारत योजना के तहत डेवलप किया जा रहा है

अयोध्या धाम के महत्व को देखते हुए वहां के स्टेशन का आकर्षक डिजाइन बनाया गया, उसकी तर्ज पर कुरुक्षेत्र के इतिहास को देखते हुए यहां के स्टेशन को भी डेवलप किया जाएगा। साल 2009 से 2014 मे रेलवे को मात्र 315 करोड़ रुपये मिलते थे, वहीं इस बार यह बजट 2861 करोड़ रुपये हो गया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव बजट के बाद वीडियो कांफ्रेंसिंग (वीसी) से अंबाला सहित कई मंडलों के अधिकारियों से जुड़े, जिसमें उन्होंने हरियाणा में होने वाले प्रोजेक्टों को लेकर भी चर्चा की।

अमृत भारत स्टेशन के तहत बदला जा रहा स्टेशनों का डिजाइन

वे बोले कि एनडीए सरकार में हरियाणा, पंजाब जैसे महत्वपूर्ण राज्यों को छोटा बजट दिया जाता था, जिसके चलते रेलवे की बेहतर सेवा के लिए अनदेखी हो जाती थी। अब मोदी सरकार ने 2861 करोड़ रुपये हरियणा के लिए तय किए हैं। हरियाणा में नए ट्रैक यूपीएस के समय साल में 50 से 60 किलोमीटर बनते थे, अब 320 किलोमीटर हो रहे हैं और अमृत भारत स्टेशन के तहत स्टेशनों का डिजाइन बदला जा रहा है। यहां 426 फ्लाईओवर/अंडरपास बने हैं।

साल 2009 से 2014 तक यूपीए सरकार में कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड में रेल प्रोजेक्ट के लिए जो बजट रखा जाता था, वह काफी कम था। इस में 108 करोड़ बजट होता था, जबकि टनल को यदि एक किलोमीटर बनाना है, तो उसकी लागत ही 200 करोड़ आती थी। इससे साफ है कि जो बजट मिलता था, उसे सिर्फ आधा किलोमीटर काम ही हो पाता था।

अब मौजूदा सरकार में हिमाचल में 4 स्टेशन को अमृत भारत स्टेशन बनाया गया, वहीं 22 अंडरपास/फ्लाइओवर बने हैं। वीरवार को पेश किए गए बजट में हिमाचल के सरकार ने 2417 करोड़ रुपये का बजट दिया गया है। उत्तर रेलवे में अंबाला मंडल में जहां हिमाचल की नैरोगेज लेन आती है, वहीं कश्मीर का प्रोजेक्ट भी शामिल है।

अंबाला रेल मंडल का अधिकांश हिस्सा पंजाब में फैला हुआ है। रेल मंत्री ने पंजाब और हरियाणा को लेकर कहा कि इतने महत्वपूर्ण राज्यों की अनदेखी होती रही। पंजाब और हरियाणा में भले ही कांग्रेस की सरकारें रहीं, लेकिन पंजाब में रेलवे के खाते में ज्यादा कुछ नहीं आया। यूपीए के कार्यकाल में जहां महज 225 करोड़ बजट रेलवे को मिलता था, वहीं मौजूदा सरकार के कार्यकाल में यह 4935 करोड़ हो गया है।

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