खादी ग्रामोद्योग द्वारा इलेक्ट्रॉनिक चाक का हुआ वितरण

अलीगढ़ एक्सप्रेस-

एमएलसी एवं जिलाध्यक्ष चौ0 ऋषि पाल सिंह ने 16 लाभार्थियों को प्रदान किए चाक

प्रदेश सरकार पारम्परिक कला को जीवंत रखने एवं प्रजापति समाज को आर्थिक रूप से सबल बनाने के लिए निरन्तर प्रयासरत

प्रशिक्षण प्राप्त कारीगरों को बैंक द्वारा बिना गारन्टी 2.50 लाख तक का ऋण उपलब्ध

कारीगर एक्सपर्ट्स एवं इंजीनियर्स से समन्वय कर मांग के अनुरूप तैयार करें उत्पाद

अलीगढ़ 06 सितम्बर 2023 (सू0वि0) खादी ग्रामोद्योग द्वारा आयोजित समारोह में मा0 एमएलसी एवं जिलाध्यक्ष चौ0 ऋषिपाल सिंह द्वारा 16 पात्र लाभार्थियों को निःशुल्क इलैक्ट्रिक चाक का वितरण किया गया। अपने सम्बोधन में उन्होंने कहा कि प्रजापति समुदाय सभी प्रकार की बुराईयों से अपने से दूर रखते हुए समाज में स्वच्छ छवि बनाए हुए है। प्रदेश सरकार द्वारा पारम्परिक कला को जीवंत रखने एवं समाज को आर्थिक रूप से सबल बनाने के लिए निरन्तर प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश की मिट्टी से हमारी भावनाएं जुड़ने के साथ ही मिट्टी के बर्तनों में खाना बनाना और खाना सेहतमंद होता है। आधुनिक युग में मिट्टी के बर्तनों का स्थान प्लास्टिक के बर्तनों ने ले लिया है,  प्लास्टिक सुविधाजनक तो है परन्तु सेहत पर गंभीर दुष्प्रभाव छोड़ती है। 

उप मुख्य कार्यपालक अधिकारी महेन्द्र प्रताप ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा पारम्परिक कलाओं को बनाए रखने एवं परम्परागत कारीगरों के जीवन स्तर में सुधार करने के लिए बिजली से चलने वाले चाक निःशुल्क वितरित किए जा रहे हैं। इससे प्रजापति समाज के लोग आर्थिक रूप से मजबूत हो रहे हैं और भारतीय पारम्परिक कला को भी बढ़ावा मिल रहा है। जिला खादी ग्रामोद्योग अधिकारी संजीदा बेगम ने विभागीय योजनाओं के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि विभाग द्वारा तीन, पाँच, सात दिवसीय प्रशिक्षण, माटी कला पुरस्कार योजना एवं कॉमन फैसिलिटी सेंटर स्थापित कर परम्परागत कारीगरों को बैंक के माध्यम से ऋण की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। एलडीएम सुरेश राम ने बताया कि प्रशिक्षण प्राप्त कारीगरों को बैंक द्वारा बड़ी सरलता से बिना किसी गारन्टी के 2.50 लाख तक का ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने एनआरएलएम की तरह ही समूह बनाकर कार्य करने का सुझाव दिया। सहायक निदेशक सूचना संदीप कुमार ने हर आमोखास से अपील करते हुए कहा कि मिट्टी के बर्तनों का अधिक से अधिक उपयोग करें, इनके प्रयोग से कुपोषण एवं कैंसर जैसी काल कलवित कर देने वाली बीमारियों से बचा जा सकता है। सहायक आयुक्त उद्योग राजमन विश्वकर्मा ने कहा कि जो दिखता है, वही बिकता है। मिट्टी के बर्तन बनाने वाले कारीगर एक्सपर्ट्स एवं इंजीनियर्स से सलाह व सम्पर्क कर आधुनिकता के युग में मांग के अनुरूप उत्पाद तैयार करें, इससे बाजार भाव में बढ़़ोत्तरी होगी और उन्हें आर्थिक लाभ प्राप्त होगा।

प्रशिक्षण प्राप्त कर चाक प्राप्त किया:

समारोह में मण्डलीय प्रशिक्षण केंद्र अड़िग, मथुरा से तीन दिवसीय प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके 16 परम्परागत कारीगरों को चाक वितरण किया गया। महिपाल सिंह, कमल सिंह, बबलू, चंद्रपाल, जय भगवान, रामस्वरूप, गोवर्धन, देवेंद्र पाल सिंह, चंद्रभान, महेश कुमार, कुमर पाल सिंह, सुकी, महेंद्र सिंह, राजेंद्र सिंह, प्रमोद। इस अवसर पर सोनू प्रजापति, सतीश कुमार, सत्यप्रकाश प्रजापति उपस्थित रहे।

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